Wednesday, 27 September 2017

पूरी तरह से कैशलेस होते ही , अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी .....

अब आप जो भी कैशलेस होने का विरोध कर रहे हैं उनको हम कुछ फायदे बताना चाहते हैं कैशलेस के :

1: पूरी तरह से कैशलेस होते ही  , अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी , बांग्लादेशी  ये सब बहार निकल आएंगे क्योंकि इनके पास बैंक खाता नहीं होगा , ये वो लोग हैं जो हमारे देश में रह के स्लीपर शैल का काम करके आतंकवाद को  बढ़ावा देते हैं |

2: किडनॅपपिंग , चोरी , डकैती में भारी कमी आएगी, क्योंकि जो किडनेपर होगा उसको पैसे बैंक खाते में मंगवाने पड़ेंगे और उस से वो पकड़ा जायेगा, अगर वो सोना मांगेगा तो उसको वो भी बज़्ज़ार में बेचना पड़ेगा जिसके लिए पैन कार्ड होना जरुरी हैं , जिससे वो फिर पकड़ा जा सकता हैं |

3: रियल एस्टेट में जो कला धन होता हैं वो सब कुछ ख़तम हो जायेगा , उदहारण के तौर पर देखा जाये तो एक 25 लाख का कांटेक्ट लेने के लिए एक कांटेक्टर को 10  % यानी की 2 .5 लाख देने पड़ते हैं , रिस्वत के तौर पर , जब कैशलेस हो जायेंगे तो इतना पैसा ब्लैक नहीं हो पायेगा , अब मान के चले की कोई 10 लाख का प्रोजेक्ट हैं तो उसमे पूरा का पूरा पैसा वही लगेगा और काम बहुत अच्छा  होगा क्योंकि ब्लैक करने का कोई मौका नहीं मिलेगा , अगर काम अच्छा होगा तो वो बनायीं गयी इमारत या कोई भी प्रोजेक्ट लम्भे समय तक छतिग्रस्त नहीं होगा , जिससे उसकी मैंटेनस कॉस्ट बच जाएगी |

4: ड्रग्स , नशा, सठा , इन सब में लगाम लग जाएगी |

5: एक विकाश क्रांति आएगी , क्योंकि सारा पैसा मार्किट में रहेगा , कोई भी  घर पे नहीं रक सकता |

6: चीज़ों की कीमते कम हो जाएँगी , किसी भी चीज़ की कीमत के बढ़ने के 2  मुलभुत कारण हैं , या तो उस चीज़ की कालाबाज़ारी हो रही हैं , या मार्किट में पैसा कम हैं, ये दोनों ही कारण कैशलेस होते ही ख़तम हो जायेंगे |

7: हमारे देश में सब से ज्यादा चोरी टैक्स की होती हैं, जब पूरा सिस्टम ट्रांसपेरेंट होगा तो कोई भी टैक्स की चोरी नहीं कर सकता , टैक्स ज्यादा आएगा तो विकाश की गति और बढ़ेगी

सच यही हैं की हमारे देश में हर कोई चोर हैं, और आप किसी को चोरी करने से नहीं रोक सकते , आपको सिस्टम ऐसा बनाना होगा की कोई चोरी कर ही न सके 
अब ऐसा सिस्टम क्या हो सकता हैं, ये मेरे विचार हैं पसंद आये तो शेयर करना 
एक ऎसी मशीन बनायीं जाये जिसमे कार्ड पेमेंट भी हो और आधार से भी पेमेंट हो :

1: आधार पैमेंट में हम अपने अगूंठे को स्कैन करवाएंगे जिससे हमारे बैंक डिटेल्स आ जाएँगी और हम पेमेंट कर पाएंगे , इससे बहुत फायदा हैं अगर हम अपना क्रेडिट कार्ड , डेबिट कार्ड या एटीएम कही भूल जाते हैं तो , अगूंठा तो हमारे पास ही रहेगा ना , उस से पेमेंट कर लेंगे |


2: दूसरा तरीका हैं की हमारी सरकार अपना EWallet अप्प लांच करे ताकि सब उसको डाउनलोड करके पेमेंट कर सके , अभी बहुत सरे Ewallet हैं , पर सबके पास अलग अलग इ वॉलेट हैं तो पेमेंट करने में प्रोब्लेम्स आ रही हैं, जब सबके पास एक ही इ वॉलेट होगा तो ये प्रॉब्लम नहीं आएगी , और सरकार का होगा तो लोग आसानी से ट्रस्ट भी करेंगे |

अब ये प्रोसेस कैसे करेंगे :

1: इसके लिए सबका बैंक अकाउंट और आधार होना जरुरी हैं,

2: हमें स्कूल्ज में कैंप लगा के बचो का बैंक अकाउंट खोलना चाहिए , बचो के बैंक खाते  की लिमिट 10  हज़ार से ज्यादा ना हो

4: बचे ही ऐसा सोर्स हैं जो इसको एक क्रांति की तरह फैला सकते हैं , एक माँ जो कभी स्कूल नहीं गयी , वो बचो से पड़ना सिख जाती हैं जब बचे घर पे जोर जोर से पड़ते हैं |

5: गाओं में कैंप लगा कर उनके बैंक खाते खोले जाये |

6: कुछ मंथ एलपीजी गैस सब्सिडी रोक कर लोगो को फ्री में POS  मशीन दी जाये , जिसमे दोनों फंक्शन हो कार्ड पेमेंट का भी और अंघूटे पेमेंट ( आधार पेमेंट ) का भी 

7: रेलवे में हर दिन IRCTC की वेबसाइट से 6 लाख से जादा टिकेट बुकिंग होती हैं, उसमे एक ऑफर रखा जाये की 5 रूपये में आपको 15 लाख का लाइफ इन्शुरन्स मिलेगा जब आप ट्रेवेल करोगे , इससे पैसा आएगा सरकार के पास , जिस पैसे से ये POS  मशीन खरीद के लोगो को दी जा सकती हैं 
( अभी ये स्कीम रेलवे में हैं पर वो बहुत कम रूपये में इन्शुरन्स देती हैं ,  1 -99  पैसो के बीच में देती हैं जो की बढ़ाया जाना चाहिए जिस से की सरकार के पास पैसा ज्यादा आये , क्योंकि हमें परमानेंट सलूशन की तरप बढ़ना हैं , और कैशलेस ही एक पेरमन्नेट सलूशन हैं )

निष्कर्ष  :

अगर सरकार बिजली का बिल कम करती  हैं  या पानी का बिल कम करती  हैं तो इनसे हम कुछ महीने खुश हो जायेंगे पर ये सब अस्ताई  सलूशन हैं , हमें कुछ परमानेंट सलूशन चाहिए और वो हैं कैशलेस बना देना अपने  देश को, जिस दिन देश पूरी तरह कैशलेस हो जायेगा उस दिन सारी चीज़ों की कीमते कम हो जाएँगी 



उमीद करता हूँ आप लोगो को ये आर्टिकल पसंद आया होगा , अगर आपको पसंद आया तो शेयर जरूर कीजिये , मेरा देश जरूर बदलेगा , उम्मीद पे दुनिया कायम हैं |

धन्यवाद्

उत्तराखंडी हो तो शेयर जरूर करे , कुछ बदलाव जरुरी हैं :

उत्तराखंडी हो तो शेयर जरूर करे , कुछ बदलाव जरुरी हैं :





कहते हैं समय के साथ हमें बदलना पड़ता हैं , लेकिन बदलने के साथ हमें अपनी संस्कृति  को भी संजोग के रखना हैं 

हमारे उत्तराखंड में जो सरकार के पास रुपया बनाने के बड़े तरीके हैं वो टूरिज्म और शराब हैं , हमारी सरकार के पास जो भी पैसा आता हैं वो इन दो तरीके से ही आता हैं, और इस से ही हमारा विकास हो रहा हैं , जिसकी रफ़्तार परेशान करती हैं ,

किसी भी राज्य या देश को अपनी विकाश रफ़्तार बढ़ाने के लिए अपने इनकम रिसोर्सेज को लगातार बढ़ाना जरुरी हैं ,

आज मैं आपको अपना एक विचार बताता हूँ , जो शायद अगर हमारी सरकार इम्प्लीमेंट करे तो हम विकाश की रफ़्तार तो पकड़ ही सकते हैं साथ ही में अपनी संस्कृति को आगे बड़ा सकते हैं

अगर हमारी सरकार लॉटरी का सिस्टम सुरु करे तो हमारी सरकार के पास पैसा आएगा जिससे हमारी सरकार सिनेमा हॉल बना सकती हैं ,

हमारे सभी शहरो में  अगर सिनेमा हॉल बनते हैं तो उस से फिर मनी जेनेरेट होगी और वो पैसा कही और विकास में लगाया जा सकता  हैं ,

साथ ही हमारी गढ़वाली , कुमाउनी , जौनसारी , रीजनल बोलियो को एक प्लेटफॉर्म मिल जायेगा , जिससे हमारे कलाकारों के पास भी पैसा और मौका दोनों होगा , और ये एक तरह से जॉब क्रिएशन होगी |

बहुत सारे लोग इस जॉब क्रिएशन में शामिल होंगे, तब इस संस्कृति में लोगो को ज्यादा रूचि बढ़ेगी क्योंकि पैसा होगा , और सभी जानते हैं जहां  पैसा मिलता हैं वह सब जाते हैं 


अब कैसे होगा ये सब , ये देखते हैं हम ::

1:उत्तराखंड की जनसंख्या 1  करोड़  11  लाख हैं , ( As per Govt Record )


2: अगर सरकार 20  रूपये में एक लाटरी टिकेट दे , और अगर कम से कम 70  लाख टिकेट बिख जाये तो, 


3: सरकार के पास टोटल 20 *7000000  =14  करोड़ रूपये एक महीने में आ जायेंगे ,


4: जिससे सरकार 3  करोड़ लाटरी प्राइस में ख़तम कर देगी , और 1-2  करोड़ लाटरी सिस्टम को बनाने की प्रोसेस में ,


5: तब सरकार के पास 10  करोड़ रूपये बच जायेंगे ,


6: अगर सरकार हर महीने लाटरी टिकेट निकाले तो एक साल में 1 अरब 20 करोड़ रूपये कमा लेगी ,


7: अब एक नार्मल सिनेमा हॉल को बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा 5 करोड़ रूपये लग जायेंगे , ( In Hilly Region , cost may vary for Plane Terrain ),


8: तो टोटल हम 24  सिनेमा हॉल बना सकते हैं ,


9: अब इन सिनेमा हॉल से हमारी सरकार को फिर से पैसा मिलेगा और हमारी संस्कृति और कलाकारों को भी अपनी मूवीज  को दिखाने के लिए एक प्लेटफॉर्म मिल जायेगा , और हमारे अपने लोगो को भी मनोरंजन  के लिए कुछ  सुविधाएं मिलेंगी 


10: ये एक छोटा बदलाव होगा पर एक बड़ी क्रांति होगी हमारी संस्कृति को बचाने  के लिए ,

11: साथ ही हमें ये भी बात दिमाग में रखनी जरुरी हैं की जो भी पहाड़ो में नौकरी कर रहे हैं वो ज्यादा तर लोगो सरकारी छेत्रों में नौकरी कर रहे हैं , और उनकी इनकम टिक थक होती है , और वो मनोरंजन चाहते हैं वीकेंड्स पे , उनके पास पैसा हैं पर सुविदाओ का भारी अभाव हैं

12: हर कोई अपनी ज़िन्दगी में एन्जॉय करना चाहता हैं बच्चा  हो या जवान , वो भी नयी मूवीज देखना चाहते हैं , उनके भी सपने हैं,  उनके भी शौक हैं , उनका भी मन करता हैं की बड़े परदे पे मूवी देखे

CONCEPT behind This THeory :  हर कोई अपनी  ज़िन्दगी में अपनी किस्मत को  आज़माता हैं,  लोग लाटरी के टिकेट खरीदेंगे ही , चाहे गरीब हो या अमीर , बस फ़र्क़ इतना होगा की अमीर एक से ज्यादा टिकेट खरीदेगा और गरीब 1  ही टिकेट खरीदेगा , इस से ज्यादा फ़र्क़ नहीं पड़ेगा बस सरकार के पास पैसा ज्यादा आएगा , अब पैसा ज्यादा होगा तो विकास भी ज्यादा होगा 


निष्कर्ष  :

निष्कर्ष  यही हैं की अगर विकास की रफ़्तार बढ़ानी हैं तो पहले  इनकम रिसोर्सेज बढ़ाने पड़ेंगे , 
आप 1 -2  रिसोर्सेज से कुछ ज्यादा नहीं कर सकते , खैर सोच से ही किसी चीज़ की शुरूआत होती हैं |

उमीद करता हूँ आप लोगो को ये आर्टिकल पसंद आया होगा , अगर आपको पसंद आया तो शेयर जरूर कीजिये , मेरा देश जरूर बदलेगा , उम्मीद पे दुनिया कायम हैं |